प्रोफेशनल शिक्षा आज शिक्षा नही बल्कि मज़ाक और व्यापार बन गई है । इसकी तरफ़ धयान नही दिया जा रहा है। अगर यही स्थिति रही तो न जाने कितने विद्यार्थी इस शिक्षा से वंचित रह जाएगे। जो विद्यार्थी गुरु की चापलूसी करता है उसको क्लास में मान सम्मान के साथ साथ अच्छे अंक भी मिलते है पर जो विद्यार्थी ऐसा नही करते उनको मान सम्मान के साथ साथ अच्छे अंक से भी वंचित कर दिया जाता है । यह बात एक गुरु के लिए शोभा नही देती । गुरु को अपने आचरण में बदलाव लाना चाहिए जिससे गुरु और शिष्य के बीच मधुर सम्बन्ध बरकरार बनी रहे ।
Wednesday, May 20, 2009
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guru ko apne samman ke liye caplusi nahi karni chahiye.
ReplyDeleteshiksha ki dayneay dasha aaj hame oachne per majboor karti hai. b.a. ki sadharan padai chhodaaj hum m.b.a. aur b.b.a. jaise santhano ki taraf bhag rahe hai.
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